चंद्रदेव का परिचय

- चंद्रदेव को चंद्र, सोम, शशिन, रजनीकांत आदि नामों से जाना जाता है।
- वे मन, भावनाओं, चित्त और मानसिक शांति के देवता माने जाते हैं।
- चंद्रदेव का प्रकाश रात में अंधकार और दुःख दूर करने वाला माना जाता है।
👨👩👧👦 2. माता-पिता और परिवार
🔹 पिता – कश्यप ऋषि (Rishi Kashyap)
🔹 माता – अदिति (Aditi)
- चंद्रदेव आदित्यों में शामिल हैं।
🔹 पत्नी – रूही / रजनी / दक्षिणा (कुछ कथाओं के अनुसार)
🔹 पुत्र – धातु और ग्रह संबंधी कई पुत्र
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🐘 3. वाहन और स्वरूप
- वाहन: सिंह, सारस या बाघ, कुछ पुराणों में अलग वर्णित।
- स्वरूप: शांत, कमल या मणि से सज्जित, हाथ में चंद्रज्योति और कमल।
- रंग: प्रायः सफेद या शीतल नील-रंग।
🌟 4. चंद्रदेव का महत्व
- मानसिक शांति और भावनाओं का संतुलन।
- सपनों और स्वप्नदर्शन के देवता।
- सोमवार (Monday) का देवता, इस दिन उनका व्रत और पूजा विशेष महत्व रखती है।
- ज्योतिष में चंद्र को मानसिक और भावनात्मक शक्ति का कारक माना जाता है।
- सर्वार्थसिद्धि और धन प्राप्ति में सहायक।
⚡ 5. चंद्रदेव से जुड़ी प्रमुख कथाएँ
- सिंहासन चंद्र की कथा: चंद्रदेव का सिंहासन और उनके प्रकाश का स्रोत।
- सिंदूर और चंद्रमा कथा: रावण और रामायण में चंद्रमां का महत्व।
- सौम्य रूप से देवताओं की रक्षा: असुरों के समय चंद्र की सहायता।