
ॐ जय सोमदेव, शशिन देवता।
शीतल मनोहर रूप, शुभदायिनी माता।
सर्व कल्याणकारी, भावनाओं के पालनहार।
ॐ जय सोमदेव…॥
चंद्र की शीतल छाया, पापों को दूर भगाए।
मन को शांति दे, जीवन में आनंद लाए।
सर्व रोग, दुःख और क्लेश हरता,
सदा भक्तों का संबल बनता ॥
ॐ जय सोमदेव…॥
शीतल चंद्र ज्योति, सुख-समृद्धि लाए।
भूत, प्रेत, मानसिक भय दूर भगाए।
सर्वत्र मंगलकारी, जीवन में उन्नति लाए।
भक्तों के हृदय में स्थायी शांति बसाए ॥
ॐ जय सोमदेव…॥
सोमदेव की आरती, जो मन से करे गाता।
सदा सुख, ऐश्वर्य और शक्ति प्राप्त करता।
भक्ति भाव से जो उनका ध्यान करता।
संपूर्ण जीवन धन्य और मंगलमय बन जाता ॥
ॐ जय सोमदेव…॥
🌟 आरती का महत्व
- मानसिक शांति और भावनाओं का संतुलन।
- तनाव, भय और दुःख दूर होते हैं।
- भावनात्मक स्थिरता और स्वास्थ्य में सुधार।
- परिवार और संबंधों में सुख-समृद्धि।
- सोमवार व्रत और पूजा के समय विशेष फलदायक।
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